Friday, November 26, 2021

कब आओगे, बोलो बोलो हरि कब आओगे by Vinod Agarwal

कब आओगे, बोलो बोलो हरि कब आओगे by Vinod Agarwal

When will you come, tell me O Lord, when will You come

कब आओगे, बोलो बोलो हरि कब आओगे O Hari, when will You come, tell me, when will You finally grace my longing eyes? देखिये किस प्रकार भक्तों का विशाल जनसमूह भक्ति के आनंद में डूबा हुआ है See how the huge gathering of devotees are immersed in ecstacy of the devotion Devotees' masti captured on these links: 1. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=21 2. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=72 3. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=125 4. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=145 5. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=277 6. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=413 7. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=460 8. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=515 9. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=562 10. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=600 11. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=743 12. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=862 13. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=933 14. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1264 15. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1316 16. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1363 The following is the text of the video:  https://krishnabff.blogspot.com/2021/11/by-vinod-agarwal.html 1 कब आओगे, बोलो बोलो हरि कब आओगे O Hari, when will You come, tell me, when will You finally grace my longing eyes? https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=09 2 ऐ हरि..    O Hari, my heart calls Your name alone, come and answer this aching cry of love. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=145 3 दिल में बस कर ओझल हुए  पिया नैनों में कब आओगे त्याग कर मौन और गुमान कब नव मिलन स्वर सुनाओगे  Having vanished after dwelling in my heart, beloved, when will You return to my eyes and, casting off my pride and silent pain, sing to me the sweet song of our new union? https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=189  4 पूछ बैठीं राहें कर्मों की किस कर्म से बंध कर आओगे (किसी कर्म में इतना सामर्थ नहीं कि तुम बंध कर चले आओ क्योंकि तुम तो पूर्ण स्वतंत्र हो) अब तो बता दो ठाकुर मेरे किस जनम में दासी बनाओगे  (प्यारे बताओ तो सही कि मैं इस जन्म में नहीं, कितने जन्मों के बाद मिलूंगा, मैं उस वायदे पे, चाहे झूठा वायदा ही हो, जीवन बसर कर लूँगी)  The pathways of karma themselves ask, “By what deed will You be bound to come?”, yet, my Lord, at least tell me in which lifetime You will make me Your handmaid, so I may live on the strength of even that faint promise. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=250 5 जन्मों पथ निहार लूँगी, पर एक वचन दो आओगे  (जीने के लिए कुछ सहारा चाहिए चाहे तुम झूठा वायदा ही कर दो) I will gaze down the road of many births awaiting You, only grant me one word that You will come, so I may live clinging to that vow alone. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=349  6 दिल नज़र बन जायेगा, गम खुशी हो जाएगी आपके आते हदुनिया दूसरी हो जाएगी My heart will turn into vision and every sorrow into joy; the very moment You arrive, this whole world will be transformed into another. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=393  7 ज़िंदगी सुबह से शाम हुई जाती है देर कुछ पल की पिया, ये सांस रुकी जाती है उनसे मिलना ना हुआ, जिनसे मुझे मिलना था यूँ तो मिले खूब मगर, पर ये भी कोई मिलना था Life is slipping from morning into night, and in a few late breaths, my beloved, this fragile sigh will cease; I met so many along the way, and yet not the One whom my soul was destined to meet. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=613  8 जिसके वियोग में मेरे प्राणों में चलती ज्वाला है कोई इस जग में, उसका पथ बताने वाला आँखों में आंसू हैं मगर होंठों पे हँसी आती है  देर कुछ पल की पिया, ये सांस रुकी जाती है For the one whose separation sets my very life aflame, is there anyone on this earth who can show me His path, while tears brim in my eyes and a smile still plays on my lips, and in a few late moments, my breath falters again, O beloved? https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=717  9 ये आकुल तन मन बाट जोहते, आओ मीत साँवरिया  (फिर कह रही हूँ ये जीवन की संध्या वेला हो चुकी है और संध्या में तो तुम गाय चरा के वापिस आते हो,  फिर मेरे मानसिक वृत्तियों को समेटते हुए, मेरे अंतकरण में क्यों नहीं प्रकट होते) This restless body and mind keep waiting on the path, come, O dark-hued Friend, for the evening of my life has arrived; as You return the cows at dusk, why do You not gather my wandering thoughts and manifest in the sanctum of my heart? https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=965  10 ये जलते नैना आन सिराओ (give comfort), ये रो रो भये बाँवरिया Soothe these burning eyes that keep vigil upon Your road, for with ceaseless weeping they have turned half-mad in love. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1018  11 हे सुखद रँगीले श्याम प्रिय, ये तृषिका (thirsty)  नित्य पुकार रही, मैं बाट तुम्हारी निहार रही (ये जितनी भी प्रेम की मानसिक वृत्तियां हैं ये तुमही में समाहित हो रही हैं, तुम मेरे प्रणय (प्राण) के ईश (ईश्वर) हो) O delightful, joy-giving Shyam, my beloved, this constant thirst of love calls to You and waits upon Your path, for every stir of affection in my mind rushes only toward You, Lord of my very life-breath. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1045  12 आजाओ प्राणेष (प्राण + ईश) भाव दे, मेरी प्रीति के नव (new) सत (सत्य = true) श्रृंगार  (तुम्हारे बिना ये प्रीत विधवा हीै, और विधवा कभी श्रृंगार नहीं करती, प्यारी इस प्रीत को सुहागन बनाओ) आजाओ, सर्वेश (Omninprenet) मधुतम (Most Beloved), तुमको अर्पित शत (hundreds) शत प्यार  तुम हो हरि, हरो (remove) विरह (separation) पीर (पीड़, pain) मैं तुम पर ही बलिहार रही क्या तुम अपना नाम हरि (remover of all pains & miseries) भूल गए ? Come, Lord of my life-breath, and bless my love with a fresh and true adornment, for without You this love lives widowed and unadorned; come, O all-pervading, most sweet Lord, to whom I offer endless streams of love—You are Hari, remover of the pain of separation, do not forget the very name that proclaims You the healer of all suffering. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1139  13 क्या करूँ प्यारे मेरी भी तो मजबूरी है कि  आपके खयालों से फुर्सत नहीं मिलती एक आप पिया, जिनको मिलने की जरूरत नहीं होती ये दिल ना धढ़क इतना जोरों से उनको तो तेरे धड़कने की आवाज नहीं सुनती ए दिल क्यों करता है तू तमन्ना, बार बार उनसे मिलने की उनको तो तुझसे मिलने की कोई चाह नहीं होती What can I do, my dear, when I never find a moment free from thoughts of You; You alone need no appointment to be met, yet this heart, beating so wildly, longs for You who do not even hear its pounding, and keeps yearning again and again for one who has no desire to meet it. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1420  14 गुज़र गए वो चमने बहार की तरह पर आँखों में बस गए इंतज़ार की तरह कैसे भुला दूँ मैं उनकी यादें उन्होंने इनकार भी किया तो इजहार की तरह  He passed from my garden like the springtime breeze, yet settled in my eyes like an eternal waiting; how can I ever erase His memories, when even His refusal felt like a tender confession of love. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1596  15 रंजिश ही सही दिल दुखाने के लिए तो आ  आ, मुझे छोड़ कर जाने के लिए तो आ  Let it be in anger, my dear, but at least come to wound this heart; come, if only to leave me once again, but come. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1640  16 रोम रोम में तेरी पुकार समाई है, दिल ने तेरी चाहतों की चाह जगाई है राहों में मैंने तेरे लिए पलकें बिछाईं हैं आँखों ने तुम्हें देखने की जिद लगाई है तनहाइयों (aloofness) ने तेरी याद की सेज बिछाई है  ये ये जो तेरी मेरी जुदाई है इतना प्यार है हमको तुमसे, ये उसी बात की गवाही है मैतेरी तू मेरा है, बस ये ही एक सच्चाई है Every pore of my being echoes Your name, my heart has awakened a longing for Your very longing; on every path I have spread the carpet of my eyelashes for You, my eyes insist on beholding You, and solitude has made a bridal bed of Your remembrance—this distance between us only testifies how deep my love runs, for I am Yours and You are mine, and that alone is the one eternal truth. https://youtu.be/MXXEyQOJY2E?t=1834  Standby link (in case youtube link does not work) https://1drv.ms/v/s!AkyvEsDbWj1gn_sNLgzTplsgRNA82g?e=OHng1M

Thursday, November 25, 2021

अगर आपको भी नहीं मिलता पूजा का फल तो सुनिये पूजा करने का सही तरीका जो बदल देगा आपका भाग्य by Devi Chitralekha

अगर आपको भी नहीं मिलता पूजा का फल तो सुनिये पूजा करने का सही तरीका जो बदल देगा आपका भाग्य by Devi Chitralekha

https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q

0:00 पूजा और भक्ति में अंतर होता है, भक्ति मतलब होता है जोड़ना, अपने मन को भगवान में ऐसा जोड़ देना कि एक क्षण भी उनका स्मरण, उनकी याद, मन से ना जाए  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=0 0:50 कहते हैं जब भक्ति हृदय में आती है तो आपको भगवान को नहीं ढूंढना नहीं पड़ता, मीरा से किसी ने पूछा कि मीरा बाई, आपको गिरिधर कैसे मिले, तो मीरा ने हँस के कहा कि मैंने गिरिधर को नहीं ढूंढा, गिरिधर ने मुझको ढूंढा,  जब हृदय में भक्ति प्रकट हो गई तो श्री ठाकुर जी खुद उस भक्त को ढूंढते हैं कि कहां मिलेगा  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=50 1.54: मीरा के कमरे में कोई “पर-पुरुष” आता है ?, मीरा कहती हैं वह “परम-पुरुष” है जो हर किसी को दिखाई नहीं दे सकता, उसके देखने के लिए वह आंखें और दृष्टि चाहिए जो मेरे पास है, सबके पास नहीं हो सकती  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=114 4.14 धन मांगना है तो धनवान से मांगो, रूप मांगना है तो रूपवान से मांगो, लेकिन अगर भगवान मांगना है तो भगवान से मांगो, भगवान भगवान ही दे सकते हैं और कोई नहीं दे सकता https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=254 4.58:  शास्त्र कहता "वाणिक (बनिया) प्रसन्नम, धन धान्य दानम, नृपमन प्रसन्नम गज बाज दानम, हरि प्रसन्नस्तु सर्वस्य दानम", एक बनिया प्रसन्न हो जाएगा तो धन दान दे देगा, एक राजा प्रसन्न हो जाएगा ज्यादा से ज्यादा हाथी घोड़ा दे देगा, पर जिस दिन हरि प्रसन्न हो जाते हैं उस दिन हरि सब कुछ हमें दे देते हैं https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=298 5:38 भगवान कहते हैं, तू मुझसे कुछ कुछ मांगेगा, कुछ कुछ दे दूंगा,  तू बहुत कुछ मांगेगा, बहुत कुछ दे दूंगा लेकिन जो मुझसे कुछ नहीं मांगेगा उसे मैं सब कुछ प्रदान कर दूंगा  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=338 5.50: किसी ने पूछा प्रेम क्या, श्रद्धा क्या, विश्वास क्या, बोले विश्वास ये कि अगर उसने दिन को रात कह दिया, तो रात है, उसने रात को दिन कह दिया तो दिन है,  एक हम लोग हैं अपने शास्त्रों पर श्रद्धा नहीं, अपने भगवान पर श्रद्धा नहीं, उनकी वाणी पर श्रद्धा नहीं https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=350 6.24: एक यह वाणियाँ हैं जो कह रही हैं कि उसने जो कह दिया, प्रश्न नहीं, उस पर गुरु ने जो कह दिया उस पर प्रश्न नहीं, तर्क मत किया करो, गुरु ने कहा है नाम भजो तो भजो, गुरु ने कहा है कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहते रहो, अब उस पर प्रश्न मत करो, अभी यह नहीं हो रहा, अभी वह नहीं हो रहा, गुरु के वचन सत्य मानें  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=384 7.08 क्यों मिले शबरी को राम, अपनी भक्ति तो शबरी की थी ही, लेकिन अपनी भक्ति से ज्यादा भरोसा, विश्वास शबरी को अपने गुरु के वचन पर था कि शबरी की कुटिया पर राम आएंगे, बस वह बात उसने अपने हृदय में बिठा ली, फिर उस पर जरा भी संशय नहीं किया कि आएंगे या नहीं  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=428 7:53 इस दुनिया में अगर कोई हमारा सबसे बड़ा हितैशी है, हमारा कोई सबसे बड़ा सहयोगी है, तो वह गुरु है, उसको पता है कब क्या करने से, मेरे इस आश्रित भक्त को भगवान की ओर जोड़ा जा सकता है, वह ना भी रहे स-शरीर, तो क्या वह वहां से बैठ कर के हमारा ध्यान नहीं रखता कि कहां यह गलत फिसल रहा है, कहां इसे संभालना है, कहां इसे बचाना है https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=473 8:34 विश्वास रखना चाहिए, साधुओं की वाणियों पर, गुरुओं की वाणी पर, शास्त्रों की वाणी पर, स्वयं कृष्ण कह रहे हैं “सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज, अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा श‍ुच:” https://vedabase.io/en/library/bg/18/66/ https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=514 8.51: कृष्ण कह रहे हैं, तू क्यों डर रहा है, तू आजा मेरी शरण में, हम फिर भी नहीं जाते उनकी शरण, फिर भी भय युक्त जीवन बना हुआ है, डर रहे हैं, शुभ अशुभ से डर रहें हैं, ग्रहों से डर रहे हैं, दिनों से डर रहे हैं, कृष्ण कह रहे हैं मत डर, तू एक बार मेरी शरण में आके तो देख, तुझे मैं समस्त चिंताओं से मुक्त कर दूंगा लेकिन..  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=531 9:31 यह वही वाली बात हो गई है जैसे एक विष्टा (मल, night-soil) में पड़ा हुआ कीड़ा, विष्ठा को ही, मल को ही समझ लेता है, यही मेरा जीवन है, आहा कितना आनंद है इसमें, पर उसे यह नहीं पता य विष्टा है, मल है, इससे बाहर जाना है वैसे ही संसार को हम अपना मान के बैठ गए कि हां यही हमारा परमानेंट घर है और यह भूल गए कि इससे बाहर निकलना है, उसकी तैयारी नहीं करते, 10 दिन के लिए कहीं घूमने जाना हो तो महीना भर से तैयारियां चालू हो जाती हैं, सामान रखना, खाना पीना, कपड़ा, सब तैयारी करते हैं, पर यह नहीं याद रखते कि एक दिन हमें मृत्यु उपरांत, एक यात्रा करनी है जो हमें भगवान तक लेकर के जाएगी उस की भी तो तैयारी करनी है  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=571 10.31 उस यात्रा की तैयारी क्या है, बस एक ही तैयारी है, उसकी हरि नाम नाम करो, नाम भजो, जितना नाम का स्मरण करोगे, उतनी आगे की तैयारी अपने आप हो जाएगी, अपने आप भगवान सब व्यवस्थाएं बना देंगे https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=631 11:11 कहते है कि शरीर का कोई टुकड़ा टुकड़ा भी कर दे, लेकिन तो भी हम हरि नाम नहीं छोड़ेंगे, इतना नाम के प्रति प्रेम होना चाहिए, मगर राम तो कहाँ, हम नाम के प्रति प्रेम करते ही नहीं  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=671 11.40: “नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार” पानी से निकलने का एक ही तरीका है, जहाज पर बैठ कर के, उस पार तैर कर के समुद्र पार नहीं हो सकता, जहाज पर बैठना पड़ेगा, तो यही आगे की तैयारी है  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=700 12.18: सुखदेव जी कह रहे हैं राजा परीक्षित को “हे राजन, समय ज्यादा नहीं है तुम्हारे पास, इस समय का सही से उपयोग करके इस कथा से सात दिन जुड़ जाओ और ऐसा मत सोचना कि राजा परीक्षित के पास समय नहीं था, हमारे पास तो बहुत समय है,  वास्तव में किसी के पास समय नहीं है, किसी के पास समय की गारंटी नहीं है, हमने देख लिया कितने भयानक समय दो साल Corona के बीते, कितने लोगों ने अपनों को खोया , अपने आप सभी को समझना चाहिए कि हमारे पास भी समय की कोई गारंटी नहीं  https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=738 13:26 अभी इसी क्षण जिसने भगवान को ना पकड़ा, वह बाद में भगवान को कभी नहीं पकड़ सकता है, जन्मों जन्मों की बिगड़ी, आज अभी की अभी सुधर सकती है, अगर आप ठान ले कि हां अब से हम भगवान का नाम स्मरण चालू कर देंगे, कोई यह ना सोचे कि हमारे पास बहुत समय है, बस सावधान, सावधानी के साथ भगवान के नाम को पकड़ लीजिए, दुनिया में रास्ते बहुत हैं, बहुत लोग आपको अलग-अलग रास्ते भी बताएंगे, पर सबसे सरल रास्ता है बस कृष्ण कहो कृष्ण कहो कृष्ण कहो बाँवरे, राम कहो, राम कहो, राम कहो - बस यह कहते रहो, जो भगवान नाम आपको मिला गुरु से, बस जपते रहो जपते रहो https://www.youtube.com/watch?v=P4j80-UM32Q&t=806 Standby link (in case youtube link does not work): अगर आपको भी नहीं मिलता पूजा का फल तो सुनिये पूजा करने का सही तरीका जो बदल देगा आपका भाग्य.mp4

Wednesday, November 24, 2021

मेरा जीवन है तेरे हवाले, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले by Devi Chitralekha

मेरा जीवन है तेरे हवाले, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले by Devi Chitralekha

You can also read the TRANSCRIPT (text version) of the same by clicking "..more" & "Show transcript" The following is the Transcript as copied from video: https://krishnabff.blogspot.com/2021/11/by-devi-chitralekha.html *मेरा जीवन है तेरे हवाले* 0 मेरा जीवन है तेरे हवाले, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले https://youtu.be/rt8t111uiS0&t=0 3.23 तेरे पीछे हम आते रहेंगे, धुन तेरी हम गाते रहेंगे तू हमें आज अपना बना ले, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले https://youtu.be/rt8t111uiS0&t=203 5.23 तेरी महिमा है जग से निराली  सारा जग तेरे दर का भिखारी  चाहे जिसको मिटा दे या बना दे, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले https://youtu.be/rt8t111uiS0&t=323 7.13 फूल हैं हम तेरे उपवन के कठपुतली हैं हम तेरे जन के  तू चाहे जिसे भी नचा दे, ओ श्याम सुंदर मुरलिया वाले https://youtu.be/rt8t111uiS0&t=433 निराली = unique, different from all others कठपुतली = puppet https://youtu.be/rt8t111uiS0 & also at https://youtu.be/FnH-AFPEDYs Standby link (in case youtube link does not work) मेरा जीवन है तेरे हवाले Devi Chitralekhaji Bhajan Bhajan 2024 Mera Jivan Hai Tere Hawale.mp4

Tuesday, November 23, 2021

हे गोविन्द, हे गोपाल, हे दयाल लाल - by Jagjit singh

हे गोविन्द, हे गोपाल, हे दयाल लाल - by Jagjit singh

https://www.youtube.com/watch?v=LrJCn8ynPCI&list=PLUfvdCGHlhLc16CI6GjkWh1rxBFLXgyEe&index=35 1 हे गोविंद हे गोपाल, हे दयाल लाल O Lord, You are the Dear Most (लाल) Beneficent (दयाल) https://www.youtube.com/watch?v=LrJCn8ynPCI&t=23 2 प्राण नाथ अनाथ सखे, दीन दर्द निवार O Lord, You are the boss (नाथ) of my life soul itself (प्राण), and the eternal friend of the helpless (अनाथ), and remover (निवार) of pains of the humbled (दीन) https://www.youtube.com/watch?v=LrJCn8ynPCI&t=108 3 हे समरथ अगम्य पूरण, मोह माया आधार O Lord, You are the Most Capable (समरथ) (& hence can do anything You want), You are the unreachable (अगम्य) by any physical means, You the Most Complete (पूरण) (& hence even though everything comes out of & is based on You only, You still remain the Complete Whole), and Your are the Creator (आधार) of illusive world (मोह माया) https://www.youtube.com/watch?v=LrJCn8ynPCI&t=176 4 अंध कूप महा भयानक, नानक पार उतार This world is a dark (अंध, blind) dungeon (well (कूप)), Only You, by Your grace, can lift one up from this dark well & take one to Your Abode for eternity https://www.youtube.com/watch?v=LrJCn8ynPCI&t=261

Monday, November 22, 2021

आज राधा अष्टमी पर जो भी इस कथा को सुनता है उस पर होती है राधा रानी की असीम कृपा | देवी चित्रलेखा जी

आज राधा अष्टमी पर जो भी इस कथा को सुनता है उस पर होती है राधा रानी की असीम कृपा | देवी चित्रलेखा जी

https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE

0:00 राधा रानी कौन हैं ? कृष्ण की अहलादिनी शक्ति हैं, श्री कृष्ण की प्रिया हैं, गोविंद नंदिनी राधा, गोविंद मोहिनी, गोविंद सर्वस्व, सर्व कांता शिरोमणि https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=0 0:30 अक्सर जब भी भागवत की चर्चा होती है तो कृष्ण भगवान की बातें तो होती ही हैं क्योंकि कृष्ण कथा है, लेकिन कई लोग कहते हैं, कि भागवत में राधा रानी का चरित्र नहीं है, शायद योग्यता के कारण भागवत में राधा नाम नहीं लिया गया है पर एक बात सबको समझ लेनी चाहिए कि भागवत में राधा नाम हो ना हो पर राधा रानी में भागवत है, वेद में राधा रानी का नाम हो ना हो पर राधा रानी में वेद समाए हुए हैं  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=30 1.11  “कृष्णन आराध्य इति”, राधा कौन हैं, कृष्ण जिनकी आराधना करते हैं, सब लोग, सारी दुनिया, कृष्ण को भजती है, बैठकर उनका ध्यान करती, उनका चिंतन करती है, तो कृष्ण ने सोचा सब दुनिया मेरा ध्यान करती है, मैं किसका ध्यान करूं मैं किसके बारे में सोचूँ, किसका चिंतन करूं, जब ऐसा भाव उन्होंने रखा तो उनकी अहलादिनी शक्ति श्री राधा रानी प्रकट हुईं https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=71 2:00 अब श्री कृष्ण को भी आराधना करने के लिए एक केंद्र मिल गया और राधा कौन है ब्रह्म वैवर्त पुराण में लिखा है कि राधा मतलब जो सब कामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं, कौन सी कामना, संसार की कामना पूरी करने वाली राधा रानी नहीं हैं, संसार की कामना तो कोई भी देवी देवता पूरी कर सकता है, पर जब हृदय में कृष्ण को पाने की लालसा जागती है उस इच्छा को पूरी करने वाली श्री राधा रानी https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=120 2:49 श्री राधा कौन हैं जो रस का पोषण करें https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=169 3:04 एक बार भगवान श्री कृष्ण के घर पर नंद महल में बड़ी लंबी लाइन लगी, सब लोग भगवान की कृपा पाने के लिए लाइन में खड़े थे कि कृष्ण कृपा मिल जाए और नंबर आता तो वहां उससे पूछा जाता कि तू भगवान कृष्ण की कृपा लेने आया है, पर तेरे पास पात्र है, मतलब बर्तन है, जिसमें तू भगवान की कृपा लेना चाहता है, तो जीव कहते जी पात्र तो हम नहीं लाए,  तो जिसके पास पात्र नहीं था सबको लौटाया जा रहा था और सब बेचारे मुंह लटकाए दुखी हारे थके से वापस नंद महल से कृष्ण के महल से वापस रोते रोते जा रहे थे तो नंद महल से जा रहे थे  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=184 4:21 तो रास्ते में पड़ता बरसाना, राधा रानी ने देखा सब लोग रोते रोते वापिस जा रहें हैं,  श्री राधा रानी ने कहा जिनके पास पात्र नहीं है, उनको मेरे पास लेकर के आओ, मैं उनको पात्र दूंगी पात्र दूंगी, मतलब पात्रता दूंगी, योग्यता दूंगी, मैं उनको इस योग्य बनाऊंगी कि उनको कृष्ण की कृपा प्राप्त हो https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=261 5:45 श्री राधा रानी श्री राधा रानी पात्रता देती हैं, योग्यता देती हैं, इस योग्य बनाती हैं कि तुम कृष्ण के सामने जाकर खड़े हो पाओ, यह पात्रता दुनिया में और कहीं से नहीं मिल सकती, जब सब दुनिया से व्यक्ति हार जाए, जब उसे लगे कि अब तो कृष्ण भी नहीं सुन रहे, क्योंकि कृष्ण इतनी आसानी से सुनने वालों में से नहीं, तो उस समय जीव रोता रोता श्री राधा रानी के पास जाता है और राधा रानी से कहता है कि हे स्वामिनी जी आप नहीं कृपा करेंगी तो फिर कौन कृपा https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=345 6:27 कृष्ण जब कृपा करते हैं तो योग्यता अयोग्यता देखते हैं, पर राधा रानी जब कृपा करती हैं तो योग्यता अयोग्यता नहीं देखती, गुण और अवगुण नहीं देखती, जो एक बार उनकी शरण में आ जाए उसको सदा सदा के लिए अपने पास रख लेतीं हैं  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=387 6:49 श्री कृष्ण कहते हैं जो एक बार जो राधा बोल दे, “पुनरपि जनमम, पुनरपि मरणम, पुनरपि जननी जठरे शयनम” एक बार श्री राधा नाम का गुणगान करने से केवल उसके पाप और पुण्य खत्म नहीं होते, शास्त्र कहते हैं उसके पाप और पुण्य का पूरा रजिस्टर फाड़ के फेंक दिया जाता है, अब इसके जीवन में पिछला जो घटा सो घटा, उसको हटा दो, आगे जो आने वाला है, वो भी उसको भी लिखने की आवश्यकता नहीं, क्यों क्योंकि यह श्री राधा रानी की शरण ग्रहण करी है, इसलिए योग्यता देने वाली, पात्रता देने वाली, श्री राधा रानी हैं एकमात्र कृपा करने वाली श्री राधा रानी हैं  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=409 7:52 तो कोई नासमझ ही होगा वह आदमी एक जो कहता है कि श्रीमद् भागवत में राधा नहीं है, राधा रानी के बगैर तो भागवत है ही नहीं https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=472 8:06 एक बार बहुत सारी सखियां, ठाकुर जी के कुंज में इखट्टी हुईं सब बैठी थीं, तो अचानक से भगवान कृष्ण ने सबसे प्रश्न किया ऐसे ही कहा कि यह बताओ मुझे सबसे ज्यादा गर्व किस बात पर होता है, तो सब सखी एक एक करके बताने लगी, एक सखी बोली आपको अपनी बांसुरी पर गर्व होता है, भगवान ने कहा हां यह बात भी ठीक है पर अभी मन को भाने वाला उत्तर नहीं मिला, एक सखी बोली कि आपको अपने माधुर्य पर गर्व होगा, राधा रानी से पूछा तो राधा रानी ने कहा कि हमें लगता है आपको अपने भक्तों पर बहुत गर्व होता है, ठाकुर जी मुस्कुराए कि हां यह भी ठीक तो है, तो वही एक मंजरी बैठी थी, रूप मंजरी उसने कहा हे श्री राधे आपकी अनुमति हो तो मैं उत्तर दे दूं तो https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=486 9:46 श्री राधा रानी ने इशारा किया कि हां तुम उत्तर दो, तब उस रूप मंजरी ने हाथ जोड़कर श्याम सुंदर से कहा आपको अपने भक्तों पर गर्व है, आपको अपने माधुर्य, अपनी बांसुरी सब पर गर्व है, पर मुझे यह लगता है कि जब श्री राधा रानी यह कहती है कि श्याम सुंदर मेरे हैं, इस बात पर आपको सबसे ज्यादा गर्व होता है https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=586 10:14 जैसे कृष्ण ने सुना तो कहे वाह वाह, अरे रूप, तूने तो मेरी मन की बात छीन ली, तो सखी कहती है जैसे आप राधा रानी से अलग नहीं हैं, वैसे मैं भी श्री राधा रानी से अलग नहीं हूँ, राधा रानी भी यही उत्तर देना चाहती थी पर संकोच के कारण कि मैं कैसे कह दूं यह बात इसलिए बोली नहीं, इसलिए उनका उत्तर मैंने दिया, यह श्री राधा रानी का ही उत्तर है  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=614 10:52 जो सखिया है, यह जो मंजरी होती है ना वह कोई अलग नहीं होती, भिन्न नहीं होती, जो श्री कृष्ण चाहते हैं, जो उनके मन में आ जाता है, जो श्री राधा रानी चाहती हैं, उनके मन में भी आ जाता है, इसलिए मंजरी उपासना सबसे उत्तम उपासना है  https://www.youtube.com/watch?v=Fw0pJLZiHxE&t=652 Standby link (in case youtube link does not work): आज राधा अष्टमी पर जो भी इस कथा को सुनता है उस पर होती है राधा रानी की असीम कृपा देवी चित्रलेखा जी.mp4